वन्यजीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार (Wildlife Sanctuary), राष्ट्रीय पार्क (National Park) तथा जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र(Biosphere Reserve)


               पादप तथा जन्तुओं का उनके प्राकृतिक आवासों में जैव विविधता (BIODIVERSITY) संरक्षण के लिए उनके आवासों जैसे वनों,चरागाहों, नदियों, झीलों, मैदानों आदि को कानून द्वारा निषिद्ध क्षेत्र (Protected Area) घोषित किया गया है। निषिद्ध क्षेत्र (Protected Area) वह क्षेत्र होता है जिसमें मानव  क्रिया-कलापों को पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित किया गया हो अथवा वन्यजीवन को प्रभावित किये बिना क्रियाकलाप करने की नियंत्रित व आंशिक छूट हो। किसी क्षेत्र को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किये जाने का उद्देश्य जैव-विविधता का संरक्षण करना होता है ताकि उस क्षेत्र में पर्यावरणीय सन्तुलन बना रहे। निषिद्ध क्षेत्र (Protected Area) तीन प्रकार के होते है-


1. वन्य जीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार(Wildlife Sanctuary )

2 . राष्ट्रीय उद्यान(National Park )

3. जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve)

1. वन्य जीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार(Wildlife Sanctuary) -

वन्यजीव अभ्यारण्य, वन्यजीव संरक्षण हेतु, वन्य जीवों का ऐसा प्राकृतिक आवास है जिसमें वन्य जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, मानवीय क्रिया-कलापों, जैसे लकड़ी काटने, कृषि कार्य करने, वन्य उत्पादों को इकठ्ठा करने तथा व्यक्तियों को निजी भूमि रखने की आज्ञा सरकार द्वारा दी जाती है। भारत में किसी स्थान को वन्य जीव अभ्यारण्य बनाये जाने की घोषणा, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अन्तर्गत किया जाता है। वन्य जीव संरक्षण से सम्बन्धित प्रावधान इसी अधिनियम में उल्लेखित है। भारतीय वन्य जीवन संस्थान (World life Institute of India), देहरादून के अनुसार भारत में वर्तमान में 553 वन्य जीव अभ्यारण्य हैं जो कि, 1,19,776 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है जबकि जबकि इनके अतिरिक्त 218 और  क्षेत्रों को  अभ्यारण्य घोषित किये जाने हेतु प्रस्ताव किया गया है। 

उदाहरण -विनसर वन्य जीव विहार (Winsar Wildlife Sanctuary), अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड,भारत


2 . राष्ट्रीय उद्यान(National Park ) 

राष्ट्रीय उद्यान वन्य जीवों का एक ऐसा प्राकृतिक आवास है जहां पर वन्य जीवों तथा परितंत्र (Ecosystem ) को संरक्षण प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीय उद्यान में मानवीय क्रिया-कलाप पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित होता है अर्थात इस क्षेत्र में मानवीय क्रिया-कलाप जैसे लकड़ी काटने, कृषि कार्य करने, वन्य उत्पादों को इकठ्ठा करने तथा व्यक्तियों को निजी भूमि रखने की आज्ञा सरकार द्वारा नहीं दी जाती है। भारतीय वन्य जीवन संस्थान देहरादून के अनुसार भारत में वर्तमान में 101 राष्ट्रीय उद्यान हैं, जो कि 40,564 वर्ग किमी में फैला है जबकि 75 नए क्षेत्रों को राष्ट्रीय उद्यान को घोषित किये जाने हेतु प्रस्ताव किया गया है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, जिसे हेली नेशनल पार्क भी कहते हैं, भारत का पहला नेशनल पार्क है। इसे  1936 में स्थापित किया गया। यह उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले में स्थित है। भारत में राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अन्तर्गत किया जाता है। वन्य जीव संरक्षण से सम्बन्धित प्रावधान इसी अधिनियम में उल्लेखित है। उदाहरण -कार्बेट नेशनल पार्क ,रामनगर नैनीताल, उत्तराखण्ड,भारत

3.जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र(Biosphere Reserve)

यह वन्य जन्तुओं तथा पादपों को बिना किसी बाह्य मानवीय हस्तक्षेप के संरक्षित करने हेतु, पारिस्थितिक एवं पर्यावरण शोध हेतु, शिक्षा तथा प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने हेतु वन्य जीवों का एक ऐसा प्राकृतिक आवासीय क्षेत्र है जिसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग यूनेस्को द्वारा 1971 में प्रारम्भ किये गये मैन एन्ड बायोस्फीयर प्रोग्राम के अन्तर्गत किया जाता है। वर्तमान में पूरे विश्व में 129 देशों में 714 जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र हैं। भारत में 18 जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र हैं। 1986 में यूनेस्को द्वारा घोषित नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व है। उदाहरण -नन्दा देवी जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र (Nanda Devi Biosphere Reserve) चमोली,उत्तराखण्ड,भारत


वन्यजीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार (Wildlife Sanctuary), राष्ट्रीय पार्क (National Park) तथा जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) में अन्तर 


1. वन्यजीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार(Wildlife Sanctuary), राष्ट्रीय पार्क (National Park) को भारत में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अन्तर्गत घोषित किया जाता है। जबकि जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) को संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग UNESCO द्वारा घोषत किया जाता है अर्थात वन्यजीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार(Wildlife Sanctuary), राष्ट्रीय पार्क (National Park) को राष्ट्र के कानून द्वारा मान्यता प्रदान होता है जबकि जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त होती है। वन्यजीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार(Wildlife Sanctuary) को अधिक संरक्षण प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय पार्क (National Park) कानून द्वारा घोषित किया जा सकता है जबकि एक एक से अधिक वन्यजीव अभ्यारण्यों या जन्तु विहारों (Wildlife Sanctuary), राष्ट्रीय पार्कों (National Park) को एक जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) घोषित किया जा सकता है। क्षेत्रफल की दृष्टि से जीवमण्डल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) बड़े होते हैं। 


2. वन्यजीव अभ्यारण्य या जन्तु विहार(Wildlife Sanctuary) में मानव बिना वन्य जीवन को प्रभावित किये मानवीय क्रिया-कलाप किया जाने की अनुमति होती है तथा कोई व्यक्ति निजी भूमि रख सकता है जबकि राष्ट्रीय पार्क (National Park) में मानवीय क्रिया-कलाप किया जाने की अनुमति नहीं होती है तथा किसी भी व्यक्ति को निजी भूमि रखने का अधिकार नहीं होता है।

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